बाढ़ की विभीषिका: तीर्थक्षेत्र कमेटी की अपील

बाढ़ की विभीषिका में फँसे हजारों परिवार, तीर्थक्षेत्र कमेटी की भारतवर्ष के जैन समाज से अपील

सादर जय जिनेंद्र,
जैसा कि आप लोग समाचारों में देख, सुन व पढ़ रहे होंगे कि महाराष्ट्र के सांगली, कोल्हापुर, सतारा और उत्तरी कर्नाटक में भयानक बाढ़ आई हुआ है। इस बाढ़ में हजारों-लाखों परिवार बेघर हो गए हैं। उनका सब कुछ नष्ट हो चुका है, घर-बार मिट चुका है, बच्चों की पुस्तकें, बस्ते और कॉपियाँ पानी की गोद में समा चुकी हैं। राज्य प्रशासन, सेना व राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों द्वारा उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, पर सरकारी सहायता सभी पीड़ितों तक नहीं पहुंच पा रही है और जो पहुँच भी रही है वह अपर्याप्त है । अभी भी जारी भारी बारिश के कारण बाढ़ का पानी उतर नहीं रहा है, कई गाँवों में चातुर्मास कर रहे मुनिसंघों को भी सुरक्षित स्थानों पर विहार करना पड़ा है। अब तक इन बाढ़ग्रस्त गाँवों व शहरों में हजारों मवेशियों व सैकड़ों लोगों की मृत्यु भी हो गई है, गंदगी फैल चुकी है, जिससे बीमारी और महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।

आपको बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि इस बाढ़ की विभीषिका में कोल्हापुर सांगली के पास के 70 गाँवों में जहाँ जैन बहुसंख्यक हैं ऐसे गाँव जिनमें 70 प्रतिशत तक जनसंख्या जैनों की है जो गरीब हैं, किसान हैं। इन हजारों जैन परिवारों का सबकुछ नष्ट हो गया है, हमारे भाई बंधु बेघर और लाचार होकर विस्थापित हो गए हैं, मेरे लिए उनकी विपत्ति को लिख पाना संभव नहीं है।

संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज की पावन प्रेरणा और आशीर्वाद से और उन्हीं के सुयोग्य शिष्य मुनि पुंगव निर्यापक मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज के आह्वान पर भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी ने प्रण किया है कि हम उन्हें फिर से बसाएंगे, उनका पुनर्वास करेंगे। लेकिन उससे पहले हमें उनके लिए भोजन, कपड़े और दवाओं व बारिश से बचने के लिए छत व अन्य दैनंदिन आवश्यकता की वस्तुओं की व्यवस्था करनी है। उसके बाद इन परिवारों को पुनः उनके घर तक पहुंचाना है। अपने उपलब्ध संसाधनों से तीर्थक्षेत्र कमेटी तुरंत राहत सामग्री भेज रही है, पर मैं उस राहतक सामग्री को पर्याप्त नहीं कह सकता हूँ क्योंकि इन हजारों परिवारों की करोड़ों की संपत्ति नष्ट हो चुकी है ।

संकट की इस घड़ी में हमारे भाई बंधु कातर नेत्रों से हमारी ओर देख रहे हैं। आइए हम सब मिलकर साधर्मी वात्सल्य का कर्तव्य पूरा करें। हमें देशभर के जैन समाज का आर्थिक सहयोग चाहिए, मैं आप सभी से विनम्र अपील करता हूँ कि आप सब आगे आएँ और अपनी ओर से जितना संभव हो सके सहायता राशि क्षेत्र कमेटी के खाते में जमा करवाएँ । मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि अपने साधर्मी बंधुओं तक सहायता पहुँचाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखेंगे। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में होने वाले राहत व बचाव कार्यों की ताजा जानकारी कमेटी की वेबसाइट www.tirthkshetracommittee.org पर उपलब्ध करवाएँगे।

प्रभात चंद्र जैन
राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी


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