Current National Body

जैन तीर्थ वंदना

भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी

तीर्थक्षेत्र कमेटी के बढ़ते उत्तरदायित्वों एवं समग्र जैन समाज की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को देखते हुए सन् 1983 से तीर्थक्षेत्र कमेटी के मुखपत्र के रूप में ‘जैन तीर्थ वंदना’ का प्रकाशन किया जा रहा है ।
वर्तमान में तीर्थक्षेत्र कमेटी के सदस्यों को प्रति माह इसकी 5000 प्रतियाँ निःशुल्क भेजी जाती हैं ।
अब आप यह पत्रिका यहाँ से डाउनलोड करके पढ़ सकते है ।

Names of the current office bearers of Teerthkshetra Committee

श्री प्रभात चन्द्र जैन
अध्यक्ष
नाम : प्रभात चन्द्र जैन
पिता : स्व. श्री सवाईलाल हरगोविंददास जैन
जन्मतिथि : २० जून १९५७
शिक्षा : स्नातकोत्तर
व्यवसाय : उद्योगपति अधिक जानिए
श्री राजेन्द्र गोधा
कार्याध्यक्ष एवं महामंत्री
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के वर्तमान कार्याध्यक्ष एवं महामंत्री.
श्री शिखरचन्द पहाड़िया
वरिष्ठ उपाध्यक्ष
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के वर्तमान वरिष्ठ उपाध्यक्ष.
श्री वसंतलाल दोशी
उपाध्यक्ष
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के वर्तमान उपाध्यक्ष.
श्री प्रदीप जैन (पी.एन.सी.)
उपाध्यक्ष
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के वर्तमान उपाध्यक्ष.
श्री गजराज गंगवाल
उपाध्यक्ष
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के वर्तमान उपाध्यक्ष.
श्री तरुण काला
उपाध्यक्ष
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के वर्तमान उपाध्यक्ष.
श्री के. सी. जैन(काला)
कोषाध्यक्ष
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के वर्तमान कोषाध्यक्ष.
श्री नीलम अजमेरा
मंत्री
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के वर्तमान मंत्री.
श्री विनोद जैन कोयलावाले
मंत्री
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के वर्तमान मंत्री.
श्री खुशाल चंद्र जैन (सी.ए.)
मंत्री
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के वर्तमान मंत्री.
श्री जयकुमार जैन
मंत्री
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के वर्तमान मंत्री.

भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी

भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी का इतिहास

देश भर में दूरदूर तक स्थित अपने दिगम्बर जैन तीर्थयों की सेवा-सम्हाल करके उन्हें एक संयोजित व्यवस्था के अंतर्गत लाने के लिए किसी संगठन की आवश्यकता है , यह विचार उन्नीसवीं शताब्दी समाप्त होने के पूर्वसन् 1899 ई. में, मुंबई निवासी दानवीर, जैन कुलभूषण, तीर्थ भक्त, सेठ माणिकचंद हिराचंद जवेरी के मन में सबसे पहले उदित हुआ।