यहाँ भगवान शान्तिनाथ का एक विशाल मंदिर है, जिसमें मूलनायक भगवान शांतिनाथ की 12 फुट ऊँची अत्यन्त सौम्य खड्गासन प्रतिमा है। ऐसा माना जाता है कि यह मंदिर एक प्राचीन शांतिनाथ भगवान के मंदिर जिसका निर्माण सन् 1046 में हुआ …
Continue Readingमहाभारत कालीन ऐतिहासिक विराट नगरी जयपुर से 85 कि.मी. की दूरी पर राजमार्ग संख्या 13 पर स्थित अरावली पर्वत के नैसर्गिक सौन्दर्य से घिरी यह प्राचीन नगरी जैन, बौद्ध, सनातन सभी धर्मो की धरोहर को अपने में समेटे हुए है। …
Continue Readingनवोदित अतिशययुक्त इस तीर्थक्षेत्र पर आकर्षक पंच पहाडी पर 24 फुट ऊँचाई पर कमलासन भगवान महावीर स्वामी की 15 फुट की पद्मासन प्रतिमा, वासुपूज्य भगवान, मल्लिनाथ भगवान, नेमिनाथ और पार्श्वनाथ भगवान की पद्मासन प्रतिमाएं विराजमान है। इन वेदियों के दोनों …
Continue Readingकागदीपुरा (नालछा) में प्रागैतिहासिक काल से मुगलकाल तक के खण्डहरों के अवशेष विद्यमान है। प्राचीनतम अवशेषों के रूप में जैन तीर्थंकर नेमिनाथ की छठी शताब्दी की पद्मासन प्रतिमा ध्यानस्थ मुद्रा में है। यहां सन् 2007 मे खुदाई में भगवान आदिनाथ …
Continue Reading