यहाँ बीसवें तीर्थंकर मुनि सुव्रतनाथजी के गर्भ, जन्म, तप एवं ज्ञान कल्याणक हुए थे। यह भगवान महावीर स्वामी की प्रथम देशना स्थली है। यहाँ उनके 14 चातुर्मास हुए थे। भगवान महावीर का धर्मचक्र पर्वत प्रवर्तन क्षेत्र भी यही है। यहाँ …
Continue Readingदक्षिण भारत का सम्मेदशिखर कहलाने वाला यह तीर्थक्षेत्र राम, हनुमान, सुग्रीव,गवय, गवाक्ष, नील, महानील आदि 99 करोड़ मुनियों की मोक्ष स्थली है। समुद्र तल से 4500 फीट ऊँचाई पर गालना हिल नाम से प्रसिद्ध इस पहाड़ी क्षेत्र की दो चोटियाँ …
Continue Readingबारहवें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य स्वामी के तप, ज्ञान एवं निर्वाण कल्याणक यहाँ हुए थे। माना जाता है भगवान् वासुपूज्य के एक गणधर मन्दर को यहीं पर निर्वाण प्राप्त हुआ था। पर्वत की चोटी पर भगवान तप, ज्ञान और मोक्ष कल्याणक …
Continue Readingदेश के सर्वाधिक दक्षिण में स्थित यह सिद्ध क्षेत्र कुलभूषण एवं देशभूषण मुनिवरों की मोक्षस्थली है। कुलभूषण देशभूषण भगवान का प्रमुख मंदिर तलहटी से 250 सीढियाँ चढकर 175 फुट ऊँची पहाड़ी पर है। मंदिर में कुलभूषण देशभूषण मुनिवर के भूगर्भ …
Continue Readingपावागढ़ का प्राचीन नाम पावागिरि था, बाद में पर्वत पर दुर्ग बन जाने के कारण इसका नाम पावागढ़ हो गया। यह स्थान सिद्धक्षेत्र या निर्वाण क्षेत्र है। यहाँ पर श्री रामचन्द्र के दो पुत्रों - अनंगलवण और मदनांकुश (लव और …
Continue Readingयमुना तटीय यह क्षेत्र बाइसवें तीर्थंकर भगवान श्री नेमिनाथ की गर्भ एवं जन्म कल्याणक भूमि है। सहस्त्रों वर्ष पूर्व धन-धान्य से परिपूर्ण इस समृद्ध नगरी को महाराज शूरसेन ने बसाया था। उन्हीं के वंशज महाराज समुद्र विजय के सबसे छोटे …
Continue Readingदक्षिण भारत का सम्मेदशिखर कहलाने वाला यह तीर्थक्षेत्र राम, हनुमान, सुग्रीव,गवय, गवाक्ष, नील, महानील आदि 99 करोड़ मुनियों की मोक्ष स्थली है। समुद्र तल से 4500 फीट ऊँचाई पर गालना हिल नाम से प्रसिद्ध इस पहाड़ी क्षेत्र की दो चोटियाँ …
Continue Readingयह क्षेत्र भगवान महावीर स्वामी के गणधर इन्द्रभूति गौतम स्वामी का निर्वाण क्षेत्र है। यहां एक सरोवर में भव्य जिन मन्दिर बना हुआ है। इस मन्दिर में एक वेदी में गौतम स्वामी के चरण तथा दूसरी वेदी में भगवान पार्श्वनाथ …
Continue Readingतारंगा जी सिद्धक्षेत्र गुजरात के मध्य में विद्यासागरजी तपोवन स्थित है यहाँ आचार्य श्री 108 विद्यासागरजी महाराज पधारे थे। 1996 में इसकी स्थापना की गयी थी। यहाँ एक भव्य सिंह द्वार तथा क्षेत्र के इष्ट एवं आराध्या देव मूल नायक …
Continue Readingतारंगा क्षेत्र उत्तर गुजरात के मेहसाणा जिले में अरावली पर्वत मालाओं की एक मनोरम टेकरी पर स्थित है। यह एक प्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र है। यहां से वरदत्त, वरांग,सागरदत्त, आदि साढे तीन करोड मुनियों ने निर्वाण प्राप्त किया था। इस नगर …
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