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भगवान् पार्श्वप्रभु की मोक्षभूमि पर स्वर्ग सा नजारा
श्री सम्मेदशिखर जी में धूमधाम से मनाया गया निर्वाण महोत्सव
भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी की ओर से यात्रियों एवं पर्वत की सुरक्षा की सम्पूर्ण व्यवस्था



20 तीर्थंकरों सहित करोड़ों केवली भगवंतों की निर्वाण भूमि, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर्ण व पुरे विश्व के जैनों के पावन पवित्र शास्वत तीर्थ श्री सम्मेदशिखरजी पर दिनांक 31 जुलाई 2025 दिन गुरुवार को जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर श्री 1008 भगवान पारसनाथ का मोक्ष कल्याणक महा-महोत्सव ( मोक्ष सप्तमी) दिवस पर तीर्थस्थल मधुबन में बड़े ही धूमधाम के साथ इस वर्ष भी पारसनाथ पर्वत स्थित स्वर्ण भद्र कूट में देश भर के कोने कोने

से पधारे हजारों
तीर्थ यात्रियों की उपस्थिति में भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी पदाधिकारियों के द्वारा निर्वाण लाडू चढ़ाने का कार्यक्रम किया गया। मोक्ष सप्तमी के शुभ अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मधुबन में भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण महोत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रातः 5 बाजे श्रीजी की प्रतिमा दिगम्बर जैन बीसपंथी कोठी से पालकी पर विराजमान करके स्वर्ण भद्र कूट पर गाजे बाजे के साथ लेकर पर्वत पर गये |मधुबन में विराजमान साधु संत के सान्निध्य आशीर्वाद भी मिला |अन्य वर्ष से अधिक यात्री इस वर्ष मधुबन पहुँचे थे। देश के कोने कोने से लगभग 15 से 20 हजार तीर्थ यात्रियों ने भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण महोत्सव पर मधुबन पहुंचकर विभिन्न मंदिरों एवं पारसनाथ पर्वत पर निर्वाण लाडू चढ़ाया। गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी बीसपंथी कोठी से श्रीजी की शोभायात्रा निकाली गई जो पारसनाथ पर्वत तक पहुंच कर स्वर्ण भद्र कुट में विराजमान कर विशेष पूजा अर्चना के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। 31, 21,11 किलो का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।


प्रकार की असुविधा नहीं हो ।इस अवसर पर भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी कार्यालय के पास एवं पर्वत स्थित गौतम गंधर्व एवं पार्श्वनाथ टोंक के पास चिकित्सा शि

भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी
Bharatvarshiya Degmbar Jain Tirthkhetra Committee
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