भारत के केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान आचार्यश्री १०८ विद्यासागर जी महाराज ससंघ के दर्शन करने जबलपुर स्थित तिलवारा घाट पधारे| गृहमंत्री जी ने आचार्य श्री के चरणों में श्रीफल भेंट …
Continue Readingभारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी ने भारत के महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह को पत्र लिखकर क्षमावाणी पर्व को राष्ट्रीय पर्व घोषित किये जाने की अपील की है | तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय …
Continue Readingभगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक के दिन कर्नाटक राज्य के जैनारागुट्टी में अडागुरु हसन के पास भगवान श्री पार्श्वनाथ तीर्थंकर की 2 प्रतिमायें खुदाई में प्राप्त हुई हैं| खुदाई में प्राप्त प्रतिमाओं में एक प्रतिमा खड्गासन जिसकी ऊँचाई लगभग 4 …
Continue Readingकर्नाटक के बेल्लारी जिला, सिरुगुप्पा तालुका के बालकुंडी (बालाकुंड) गांव पहले जैनों का प्रसिद्ध स्थान था| गत दिनों पहले पहाड़ के पीछे खेत में जेसीबी से चल रही खुदाई के समय 5 काले पत्थर मिले हैं जिसके ऊपर मूर्तियाँ बनी …
Continue Readingयहाँ बीसवें तीर्थंकर मुनि सुव्रतनाथजी के गर्भ, जन्म, तप एवं ज्ञान कल्याणक हुए थे। यह भगवान महावीर स्वामी की प्रथम देशना स्थली है। यहाँ उनके 14 चातुर्मास हुए थे। भगवान महावीर का धर्मचक्र पर्वत प्रवर्तन क्षेत्र भी यही है। यहाँ …
Continue Readingलोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि यह क्षेत्र बहुत जल्द देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि अतिशय क्षेत्र लोगों में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के साथ क्षेत्र के विकास में भी अहम …
Continue Readingकैलाशपर्वत की प्रतिकृति के रूप सूखी सेवनिया में अमोनी गांव रोड पर पांच एकड़ में आकार ले रहा अनूठा जिनालय, भोपाल के सूखी सेवनिया गांव में पांच एकड़ क्षेत्र में ढाई करोड़ की लागत से अनूठा जिनालय बनकर तैयार हो …
Continue Readingभारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के सतत प्रयासों से पुरातत्व विभाग के कमिश्नर ने दिनांक २७-०७-२०२१ को कोनकोंडला क्षेत्र के विकास के लिए तीर्थक्षेत्र कमेटी को अनुमति प्रदान कर दी है। कोनाकुंडला के जैन तीर्थक्षेत्र की ४२.७९ एकड़ भूमि भारतवर्षीय …
Continue Readingयहाँ बीसवें तीर्थंकर मुनि सुव्रतनाथजी के गर्भ, जन्म, तप एवं ज्ञान कल्याणक हुए थे। यह भगवान महावीर स्वामी की प्रथम देशना स्थली है। यहाँ उनके 14 चातुर्मास हुए थे। भगवान महावीर का धर्मचक्र पर्वत प्रवर्तन क्षेत्र भी यही है। यहाँ …
Continue Readingयमुना तटीय यह क्षेत्र बाइसवें तीर्थंकर भगवान श्री नेमिनाथ की गर्भ एवं जन्म कल्याणक भूमि है। सहस्त्रों वर्ष पूर्व धन-धान्य से परिपूर्ण इस समृद्ध नगरी को महाराज शूरसेन ने बसाया था। उन्हीं के वंशज महाराज समुद्र विजय के सबसे छोटे …
Continue Reading