टीलेबाले बाबा का 24 वर्ष बाद महामस्तकाभिषेक- महोत्सव

एक हजार वर्ष प्राचीन भगवान महावीर की प्रतिमा का 24 वर्ष बाद होगा महामस्तकाभिषेक

24 वर्ष पश्चात होने वाले भगवान महावीर के महामस्तकाभिषेक मेले की तैयारियां इन दिनों जोर-शोर से चल रही हैं। पूरे मेले की सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी हिंडोन उपअधीक्षक को सौंपी गई है, जिसके लिए अतिरिक्त पुलिस कम्पनी की व्यवस्था रहेगी। जिला कलेक्टर ने पूर्वी सिंह द्वार से महिला महाविद्यालय, बस स्टेंड, देवनारायण मंदिर आदि स्थानों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है।

इसके अतिरिक्त जल विभाग द्वारा मेले से पूर्व पेयजल आपूर्ति को आगामी 10 दिनों में नये नलकूप व पाइप लाइन बिछाकर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।  बता दें कि श्री महावीर जी में मूल नायक भगवान महावीर जी की प्रतिमा का महा मस्तकाभिषेक वर्ष 1998 में 1008 आचार्य विद्यानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया था। अब 24 वर्ष बाद भगवान महावीर का महा मस्तकाभिषेक का आयोजन आगामी 24 नवम्बर से 04 दिसम्बर, 2022 तक किया जाएगा।

इस पूरे आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण के पहुंचने की आशा की जा रही है। इसके लिए पूरा प्रशासन जोर-शोर से तैयारियों का जायजा ले रहा है। इसके लिए दुकानों के बाहर कचरा पास लगाए जाएंगे ताकि गंदगी न हो साथ ही गंभीर नदी में जमा गंदगी व प्रदूषित पानी को स्वच्छता अभियान के अंतर्गत साफ किया जाएगा। इस मौके पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री महावीर प्रसाद नायक, हिंडोन उपखंड अधिकारी श्री सुरेश हरसोलिया, तहसीलदार श्री भारत भूषण जैन, पुलिस उपाधीक्षक हिंडोन श्री किशोरीलाल, हिंडोन विकास अधिकारी श्री सुनील कुमार, विद्युत अधीक्षण अभियंता श्री आर. सी. गुप्ता, सार्वजनिक निर्माण विभाग के श्री हरिनारायण मीना, सरपंच प्रतिनिधि श्री यादराम गुर्जर एवं उप प्रधान प्रतिनिधि दर्शन सिंह मौजूद रहे।

 

अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारी शुरू – 24 वर्षों के बाद भूगर्भ से प्रकट चमत्कारी 1008 भगवान श्री महावीर स्वामी का महामस्तकाभिषेक 27 नवंबर 2022 से प्रारंभ होगा। 24 नवंबर से नवीन 24 फीट की खडगासन 1008 महावीर भगवान की प्रतिमा एवं नूतन चौबीसी का पंचकल्याणक भी प्रारंभ होगा।

महामस्तकाभिषेक एवं पंचकल्याणक की तैयारी जोर शोर से चल रही है। पंचकल्याणक हेतु भव्य पंडाल म्यूजियम परिसर के पीछे तैयार किया जा रहा है। वही भूगर्भ से टीले से प्रकट स्थली चरण छत्री के पास खड़गासन 24 फीट के भगवान श्री महावीर स्वामी की प्रतिमा स्थापित कर दी गई है। वही चौबीसी भी तैयार हो गई है जिसका कार्य प्रगति पर है।

भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी
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भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी का इतिहास

देश भर में दूरदूर तक स्थित अपने दिगम्बर जैन तीर्थयों की सेवा-सम्हाल करके उन्हें एक संयोजित व्यवस्था के अंतर्गत लाने के लिए किसी संगठन की आवश्यकता है , यह विचार उन्नीसवीं शताब्दी समाप्त होने के पूर्वसन् 1899 ई. में, मुंबई निवासी दानवीर, जैन कुलभूषण, तीर्थ भक्त, सेठ माणिकचंद हिराचंद जवेरी के मन में सबसे पहले उदित हुआ ।


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